बिहार के तालाब में डूबकर हाथ से मखाने के बीज निकालता किसान

कच्चा मखाना,
और कुछ नहीं।

कच्चा, बिना फ्लेवर वाला A+ ग्रेड मखाना (फूल मखाना या फॉक्स नट्स)। आपकी शेल्फ़ तक पहुंचने से पहले एक किसान बिहार के तालाब के घुप अंधेरे कीचड़ में चार घंटे बिताकर इसे हाथ से खोजता है।

रोज़ का मखाना स्नैक

कच्चे मखाने का एक पैक, घर का हर पल।

Makau मखाना दिन के छोटे ठहरावों में अपनी जगह बना लेता है: सुबह की पहली चाय, दोपहर में डेस्क पर सुस्ती, शाम को परिवार के साथ गपशप। इसे बस आपकी भूख चाहिए।

बिहार के 40+ कटाई करने वाले परिवारों का साथ
स्वाइप करें →
धूप वाली रसोई की खिड़की के पास चाय का कप और मखाने का कटोरा लिए महिला

सुबह की चाय, और बेहतर।

अपनी वर्क डेस्क पर Makau पैक से मखाना खाती महिला

दोपहर का छोटा सा स्नैक ब्रेक।

डाइनिंग टेबल पर चाय के साथ मखाने का कटोरा बांटता परिवार

परिवार की टेबल पर साथ में।

ट्रैवल बैकपैक में रखा जा रहा Makau मखाने का पैक

सफ़र वाले दिनों के लिए पैक।

झटपट स्नैक

एयर फ्राइड मखाना

5 मिनट तैयारी का समय

कच्चा मखाना, सुनहरा और कुरकुरा होने तक एयर फ्राई किया, ऊपर से सेंधा नमक और करी पत्ता। पांच मिनट में तैयार प्रोटीन वाला स्नैक।

मीठा

मखाने की खीर

40 मिनट तैयारी का समय

घी में भुना मखाना, फुल क्रीम दूध में इलायची, केसर और गुड़ के साथ धीमी आंच पर पकाया, जब तक गाढ़ा, मलाईदार और मीठा न हो जाए। बिहार की पुरानी पसंद।

मेन कोर्स

मखाना करी

20 मिनट तैयारी का समय

फूला मखाना मसालेदार टमाटर काजू की ग्रेवी और ताज़ी मटर के साथ पकाया। प्रोटीन वाला मेन कोर्स, उबले चावल या रोटी के साथ सबसे अच्छा।

हमारा कच्चा मखाना अलग क्यों है

बिचौलिए को हटाइए, हैंडपिक्ड का फ़र्क चखिए

ज़्यादातर मखाना बिहार के तालाब से आपकी थाली तक तीन से पांच हाथों से गुज़रता है, और हर हाथ कीमत, समय और समझौता जोड़ता है। हम सीधे उन किसान परिवारों से खरीदते हैं जो हर दाने के लिए डुबकी लगाते हैं, इसलिए आप तक पहुंचने वाला मखाना ज़्यादा ताज़ा है, एक ही A+ ग्रेड में छांटा गया है और छोटे दानों से कभी नहीं मिलाया जाता। और जिन लोगों ने इसे कमाया, उन्हें आख़िरकार फ़सल का सही दाम मिलता है।

टोकरी से फूला मखाना Makau के क्रेट में डालता बिहार का मखाना किसान
शुद्धता
भीड़भाड़ वाली थोक मंडी में मखाने की बोरियां और व्यापारी
मुनाफ़ा
आम बाज़ारMakau Foods

शुद्धता कोई मार्केटिंग चाल नहीं, यह हमारी पहली कसम है।

फ़ैसला करने से पहले

आम सवाल

Makau मखाना खुले मखाने से महंगा क्यों है?

लोकल दुकान का खुला मखाना आम तौर पर मिले जुले ग्रेड का होता है और आप तक पहुंचने से पहले कई बिचौलियों से गुज़रता है। हम सीधे बिहार के किसान परिवारों से खरीदते हैं और हर दाने को हाथ से एक ही A+ ग्रेड में छांटते हैं, इसलिए कीमत असली साइज़ और क्वालिटी की है, मार्कअप की नहीं।

क्या मखाना रोज़ खाने के लिए हेल्दी स्नैक है?

मखाना एक हल्का, प्लांट बेस्ड स्नैक है। हमारा मखाना कच्चा और बिना फ्लेवर का है, बिना तेल, चीनी या प्रिज़र्वेटिव के, इसलिए इसमें स्वाभाविक रूप से फ़ैट कम है और सही मात्रा में रोज़ खाना आसान है। चाय के समय और शाम की भूख के लिए यह तले चिप्स और नमकीन का लोकप्रिय विकल्प है।

कच्चा मखाना कैसे खाएं?

घर पर पैन या एयर फ्रायर में थोड़े घी और सेंधा नमक के साथ लगभग 6 से 8 मिनट भूनें, फिर सादा और कुरकुरा खाएं। अपने मसाले भी डाल सकते हैं, या मखाने की खीर और मखाना करी जैसी रेसिपी में इस्तेमाल कर सकते हैं।

A+ ग्रेड मखाना क्या है?

A+ ग्रेड हमारी सबसे ऊपर की, हाथ से छांटी साइज़ क्लास है, जिसे साइज़ और हर दाने के बराबर फूलने के आधार पर हाथ से चुना जाता है। हम हर फ़सल को इसी एक ग्रेड में छांटते हैं, ताकि हर पैक वही हो जो लेबल पर लिखा है।

क्या Makau मखाना खरीदने से सच में किसानों को फ़ायदा होता है?

हम सीधे बिहार के कटाई करने वाले परिवारों से खरीदते हैं और बिचौलियों को पूरी तरह हटाते हैं, इसलिए आपके पैसे का ज़्यादा हिस्सा उन लोगों तक पहुंचता है जो हर दाने के लिए डुबकी लगाते हैं। यह मार्केटिंग की लाइन नहीं, हमारा काम करने का तरीका है।

डिलीवरी कितनी जल्दी होती है?

Blinkit पर ऑर्डर करें और जहां क्विक डिलीवरी मिलती है वहां यह लगभग 10 मिनट में पहुंचता है, या WhatsApp पर ऑर्डर करें। हर पैक बिहार से आपकी रसोई तक के सफ़र के लिए सील और ताज़गी की तारीख के साथ आता है।

आख़िरी फ़ैसला

फ़र्क आपने देख लिया, अब कच्चे हैंडपिक्ड मखाने का स्वाद लीजिए

एक ही A+ ग्रेड, कच्चा और बिना फ्लेवर का, सीधे बिहार के उन परिवारों से जो इसके लिए डुबकी लगाते हैं। Makau में कुछ भी शॉर्टकट से नहीं बना, न सोर्सिंग, न वह जो आपके पैक में पहुंचता है।

बिहार के मखाना कारोबार से

मखाना गाइड

WhatsAppWhatsApp पर ऑर्डर करें