व्रत और उपवास

क्या व्रत में मखाना खा सकते हैं?

हां। ज़्यादातर घरों में व्रत में मखाना खाया जाता है, और नवरात्रि से एकादशी तक यह सबसे आम व्रत के खानों में से एक है। फिर भी नियम परिवार और इलाके के हिसाब से अलग होते हैं, इसलिए इस गाइड से बारीकियां जांचें और आख़िरी बात अपने परिवार के नियम की मानें।

Makau Foods टीम द्वारा। आख़िरी अपडेट:

झटपट जवाब

ज़्यादातर व्रत परंपराओं में मखाना चलता है, क्योंकि यह बीज है, अनाज या दाल नहीं। इसे सादा खाएं, घी और सेंधा नमक में भूनें, या खीर बनाएं। साधारण नमक वाले फ्लेवर पैकेट से बचें, और निर्जला एकादशी जैसे सख़्त व्रत के लिए अपने परिवार का नियम देखें।

मखाना व्रत का खाना क्यों है

ज़्यादातर हिंदू व्रत, जिनमें खाना चलता है, फलाहार के तरीके से रखे जाते हैं: फल, दूध, मेवे, और बिना अनाज वाली कुछ चीज़ें जैसे साबूदाना, कुट्टू, सिंघाड़ा और मखाना। मखाना बिहार के तालाबों में उगने वाले एक जलीय पौधे का फूला हुआ बीज है, इसलिए यह अनाज और दाल वाले नियमों से बाहर रहता है, जिन्हें ज़्यादातर व्रत मानते हैं।

लंबे व्रत वाले दिन में यह आसानी से साथ भी देता है। भुने मखाने का कटोरा घंटों कुरकुरा रहता है, और वही पैक शाम को खीर बन जाता है। इसीलिए उत्तर भारत में पूजा की थाली और व्रत की रसोई में, ख़ासकर नवरात्रि में, मखाना ज़रूर मिलता है।

व्रत में मखाना आम तौर पर कब खाया जाता है

यह टेबल आम चलन बताती है, कोई नियम पुस्तिका नहीं। जहां परिवारों में चलन बहुत अलग है, वहां वह भी लिखा है।

आम हिंदू व्रतों में मखाना
व्रतआम चलनक्या जांचें
नवरात्रि (चैत्र और शारदीय)नौ दिनों में फलाहार के रूप में: सेंधा नमक के साथ भुना, खीर में, या दूध के साथ।क्या आपके परिवार में व्रत के दिन नमक लेते हैं, और लेते हैं तो सिर्फ़ सेंधा नमक।
एकादशीजो लोग उस दिन अनाज और दाल छोड़ते हैं, वे आम तौर पर खाते हैं।निर्जला एकादशी में खाना और पानी नहीं। बाकी एकादशी व्रतों के लिए अपने परिवार का नियम देखें।
सावन के सोमवारफलाहारी या एक समय भोजन वाले सावन सोमवार व्रत में भुने मखाने या खीर के रूप में अक्सर खाया जाता है।नमक और व्रत खोलने के समय को लेकर अपने परिवार का नियम देखें।
महाशिवरात्रिदिन और रात फलाहारी व्रत रखने वाले कई लोग खाते हैं।कुछ लोग यह व्रत निर्जला रखते हैं। अपने परिवार का नियम देखें।

किन चीज़ों से व्रत टूट सकता है

समस्या मखाना ख़ुद बहुत कम होता है। उस पर जो डाला जाता है, या पैकेट में जो मिला होता है, वहीं अनजाने में व्रत का नियम टूटता है।

नमक का प्रकार

ज़्यादातर व्रत परंपराओं में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक लेते हैं। कुछ परिवार काला नमक भी नहीं लेते। सख़्त नवरात्रि व्रत में कई लोग कुछ दिन नमक बिल्कुल नहीं खाते, इसलिए उन दिनों मखाना सादा, फल के साथ या मीठा खाएं।

फ्लेवर वाले पैकेट

मसाला, पेरी पेरी, चीज़ और पुदीना मखाना स्नैकिंग के लिए बने हैं, व्रत के लिए नहीं। इनके मसाले में आम तौर पर साधारण नमक और मसाला मिक्स होता है, और लेबल इससे ज़्यादा कम ही बताता है। अगर सामग्री में मखाना, तेल या घी और सेंधा नमक के अलावा कुछ भी है, तो उसे व्रत के बाद के लिए रखें।

कोटिंग

फूलने के बाद पॉलिश करना प्रोसेसिंग का सामान्य हिस्सा है, लेकिन मीठे और स्नैक वाले मखाने पर अक्सर ग्लेज़ या मसाले का पेस्ट चढ़ा होता है। सादा दाना हल्का सफ़ेद होता है, जिस पर छिलके की जगह छोटे भूरे निशान होते हैं। अगर मखाना चिपचिपा लगे या उंगलियों पर पाउडर छोड़े, तो कुछ मिलाया गया है, और वह लेबल पर लिखा होना चाहिए।

तेल या घी

व्रत के खाने में आम तौर पर घी इस्तेमाल होता है। कुछ घरों में मूंगफली का तेल भी चलता है, कुछ में रिफ़ाइंड तेल बिल्कुल नहीं। पहले से भुना मखाना खरीदते समय आपको शायद ही पता होता है कि कौन सा तेल लगा है, और खुद भूनने की यही सबसे बड़ी वजह है।

व्रत के लिए मखाना कैसे भूनें

इससे एक भरा कटोरा, लगभग 2 कप या 30 ग्राम मखाना बनता है। समय अंदाज़न है और आपकी कड़ाही और आंच पर निर्भर करता है।

  1. भारी कड़ाही में 1 चम्मच घी धीमी आंच पर लगभग 1 मिनट गरम करें।
  2. 2 कप (लगभग 30 ग्राम) कच्चा मखाना डालें और चलाएं ताकि हर दाने पर घी की हल्की परत लग जाए।
  3. धीमी आंच पर 6 से 8 मिनट भूनें, हर 30 सेकंड में चलाते रहें, जब तक एक दाना उंगलियों में दबाने पर साफ़ चटक कर न टूटे।
  4. आंच बंद करें। चौथाई चम्मच सेंधा नमक डालें, और अगर व्रत में चलती हो तो काली मिर्च।
  5. खुली कड़ाही में लगभग 10 मिनट ठंडा होने दें, फिर एयरटाइट डिब्बे में रखें।

तापमान के साथ एयर फ्रायर का तरीका देखने के लिए पढ़ें एयर फ्रायर में मखाना कैसे भूनें।

मखाने से बनने वाले आसान व्रत के खाने

  • मखाने की खीर। घी में भुना मखाना फुल क्रीम दूध में चीनी या गुड़ और इलायची के साथ पकाया। मात्रा और समय के लिए व्रत के लिए मखाने की खीर रेसिपी देखें।

  • सेंधा नमक वाला भुना मखाना। ऊपर बताया तरीका। अगर आपके परिवार में व्रत में मूंगफली चलती है, तो भुनी मूंगफली मिला लें।

  • फल के साथ मखाना। एक कप भुने मखाने में कटा केला, सेब या अनार के दाने मिलाएं। बिना नमक वाले दिनों के लिए बिना नमक रखें।

  • गरम दूध में मखाना। एक मुट्ठी भुना मखाना चुटकी भर इलायची के साथ गरम दूध के गिलास में मसलकर डालें, शाम को व्रत खोलने से पहले पीने के लिए।

कच्चा, सिंगल इंग्रीडिएंट मखाना व्रत में क्यों आसान है

जब पैक में एक ही सामग्री हो, तो मखाने के अलावा कुछ जांचना ही नहीं पड़ता। घी डालें या नहीं, सेंधा नमक डालें या नहीं, मीठा बनाएं या नमकीन, यह आप हर दिन तय करते हैं। नौ दिन के व्रत में यह मायने रखता है, जहां पहले दिन और अष्टमी के नियम अलग हो सकते हैं।

Makau ठीक यही बेचता है: कच्चा, बिना फ्लेवर हैंडपिक्ड मखाना, बिना नमक, तेल, चीनी या प्रिज़र्वेटिव के, सोर्स पर सील किया हुआ। इसे हमारे अपने A+ ग्रेड में हाथ से छांटा जाता है, इसलिए कड़ाही में दाने बराबर भुनते हैं। भारत का ज़्यादातर मखाना बिहार से आता है, और आप पढ़ सकते हैं कि मिथिला के तालाबों से इसकी कटाई कैसे होती है।

पूरी नवरात्रि के लिए खरीद रहे हैं? एक व्यक्ति दिन में एक बार स्नैक ले तो लगभग 30 ग्राम रोज़ लगता है, यानी नौ दिन में लगभग 270 ग्राम। पैक की तुलना उसके स्टिकर से नहीं, मखाना का भाव प्रति किलो और प्रति 100 ग्राम से करें।

मखाना और व्रत: आम सवाल

क्या नवरात्रि के व्रत में मखाना खा सकते हैं?

ज़्यादातर घरों में हां। मखाना अनाज या दाल नहीं है, इसलिए यह नवरात्रि के फलाहार का आम हिस्सा है, घी और सेंधा नमक में भुना या खीर में पका। अगर आपके परिवार में कुछ दिनों में नमक बिल्कुल नहीं खाते, तो उन दिनों इसे सादा या मीठा खाएं।

क्या एकादशी पर मखाना खा सकते हैं?

जो लोग फलाहारी एकादशी रखते हैं और अनाज व दाल छोड़ते हैं, उनमें से ज़्यादातर मखाना खाते हैं। निर्जला एकादशी में खाना और पानी दोनों नहीं लेते, इसलिए उसमें मखाना नहीं चलता। हर परिवार अलग है, इसलिए अपने घर का नियम देखें।

क्या व्रत में भुना मखाना खा सकते हैं?

हां, अगर आप इसे खुद घी में भूनें और सेंधा नमक डालें। जोखिम पहले से भुने पैकेट में है, क्योंकि कई में साधारण नमक, मसाला मिक्स और ऐसे तेल होते हैं जो आपके व्रत में नहीं चलते। खरीदने से पहले सामग्री की सूची पढ़ें।

व्रत में मखाने पर कौन सा नमक डालें?

सेंधा नमक डालें। ज़्यादातर व्रत परंपराओं में साधारण नमक नहीं खाते। कुछ परिवार काला नमक भी नहीं लेते, इसलिए अपना नियम देखें। लगभग 30 ग्राम भुने मखाने के लिए चौथाई चम्मच सेंधा नमक काफ़ी है।

क्या फ्लेवर वाला पैकेट मखाना व्रत में चलता है?

आम तौर पर नहीं। मसाला, पेरी पेरी, चीज़ या पुदीना जैसे फ्लेवर पैकेट में अक्सर साधारण नमक, मसाला मिक्स और दूसरी चीज़ें होती हैं। जब तक लेबल पर व्रत के लिए न लिखा हो और सिर्फ़ आपके व्रत में चलने वाली चीज़ें न हों, सादा मखाना लें और घर पर मसाला करें।

क्या Makau मखाने में नमक या कुछ और मिला है?

नहीं। Makau मखाना कच्चा और बिना फ्लेवर का है, और इसकी अकेली सामग्री मखाना है। पैक में न नमक है, न तेल, न चीनी, न प्रिज़र्वेटिव, इसलिए आप सिर्फ़ वही डालते हैं जो आपके व्रत में चलता है।

9 दिन के व्रत के लिए मखाना कैसे रखें?

एयरटाइट डिब्बे में ठंडी, सूखी जगह पर रखें और इस्तेमाल के बाद तुरंत ढक्कन बंद करें। नौ दिन का एक साथ भूनने की जगह हर दो तीन दिन में थोड़ा थोड़ा भूनें। भुना मखाना नरम हो जाए तो 2 से 3 मिनट फिर से सूखा भूनें, कुरकुरा हो जाएगा।

अगले व्रत से पहले पैक रख लीजिए

कच्चा, बिना फ्लेवर हैंडपिक्ड मखाना, ताज़ा सील किया हुआ। एक ही सामग्री, इसलिए आपके व्रत के हर नियम में फ़िट।

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